क्राइम फाइल:-जेसिका लाल केस ,21 साल पहले क्यों की थी मनु शर्मा ने उसकी हत्या

दिल्ली – जेसिका लाल हत्याकांड के दोषी मनु शर्मा की रिहाई की खबर आते ही एक बार फिर यह 21 साल पुराना केस चर्चा में आ गया है। आपको बता दें कि बुधवार को जेसिका लाल हत्याकांड में दोषी मनु शर्मा को दिल्ली के तिहाड़ जेल से रिहा किया जाएगा। अच्छे व्यवहार के चलते मनु शर्मा को समय से पहले रिहा करने का फैसला लिया गया है। मनु शर्मा को 17 साल की कैद के बाद रिहा किया जाएगा। सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (एसआरबी) की सिफारिश मिलने के बाद एलजी ने मनु शर्मा की रिहाई की अनुमति दी, और उनकी मंजूरी के बाद, शर्मा को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। हत्या के आरोप में दोषी साबित हुए मनु शर्मा को उम्रकैद की सजा दी गई थी। मनु शर्मा के वकील अमित साहनी ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई की मनु शर्मा पिछले 12 सालों से जेल में है और अब उन्हें रिहाई मिलनी चाहिए। सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (एसआरबी) की सिफारिश मिलने के बाद एलजी ने मनु शर्मा की रिहाई की अनुमति दी।

बात 30 अप्रैल 1999 की उस काली रात की है जब दर्जनों लोगों के सामने मनु शर्मा ने जेसिका लाल की हत्या कर दी थी। दिल्ली के एक पब में रात के 2 बजे मनु शर्मा ने जेसिका को गोलियों से भून दिया। जेसिका पेशे से एक मॉडल थी, घर चलाने के लिए वह मॉडलिंग के साथ ही एक पब में भी काम करती थी। 30 अप्रैल 1999 की रात वह पब में थी। उस रात मनु शर्मा भी उस पब में आया।

मनु शर्मा ने जेसिका से शराब मांगी और उसने देने से मना कर दिया। उस वक्त जेसिका उसी काउंटर पर थी। जेसिका का कहना था कि काउंटर बंद हो चुका है इसलिए शराब नहीं मिल सकती। इस बात पर मनु शर्मा को बहुत गुस्सा आ गया।

मनु ने आव देखा न ताव उसने जेसिका पर गोलियां चला दीं और वो जेसिका के सिर पर जा लगीं। जेसिका ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जेसिका की हत्या होने के बाद पुलिस ने मनु शर्मा को आरोपी के तौर पर गिरफ्तार कर लिया।

परिवार को मीडिया का सपोर्ट मिला और ये केस दोबारा खुला। इसके बाद पूरी दिल्ली ने जेसिका को इंसाफ दिलाने की मांग की। दोबारा जब केस खुला तो इसके चश्मदीद गवाह एक्टर श्यान मुंशी ने भी अपना बयान कोर्ट में दर्ज कराया। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चला और कोर्ट ने मनु शर्मा को हत्यारा घोषित करते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।

बाद में अदालती कार्रवाई में कोर्ट ने पुलिस की रिपोर्ट को झूठा माना और मनु को बरी कर दिया। उसी दिन मीडिया के गलियारों और लोगों के बीच ये बहस छिड़ी कि ‘नो वन किल्ड जेसिका’ यानी जेसिका को किसी ने नहीं मारा। हालांकि कोर्ट का फैसला आने के बाद भी जेसिका का परिवार हारा नहीं उसने मनु को सजा दिलाने का फैसला किया।

आरोपियों के बरी होने के बाद भी जेसिका का परिवार निराश नहीं हुआ। उसकी बहन ने नए सिरे से इस केस में जान फूंकने की कोशिश की। यह मामला मीडिया में उछला। उसके बाद तो जेसिका लाल मर्डर केस में इंसाफ के लिए दिल्ली क्या पूरा देश एक साथ आ गया। इस केस को दोबारा खोलना पड़ा। फास्टट्रैक कोर्ट में केस चला. उसके बाद जेसिका के हत्यारे मनु शर्मा को उम्र कैद की सजा सुनाई गई।

इस मामले में सजा काट रहे मनु शर्मा की पत्नी ने पति की रिहाई की मांग के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का दरवाजा पिछले साल खटखटाया था। इसके बाद मनु शर्मा की रिहाई की राह आसान हुई है।

बता दें कि मनु शर्मा हरियाणा के कद्दावर कांग्रेस नेता विनोद शर्मा का बेटा है, जो कि ना सिर्फ राजनीति बल्कि मीडिया में भी अच्‍छी खासी पहचान रखते हैं। विनोद शर्मा का एक अखबार और न्‍यूज़ चैनल होने के अलावा कई चीनी मिल भी हैं। यही नहीं, विनोद शर्मा तीन बार विधायक और एक बार राज्‍यसभा सांसद भी रहे हैं। जबकि वह नरसिम्हा राव सरकार में केंद्रीय मंत्री रहने के अलावा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पहली सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। वहीं, शर्मा को हुड्डा का बेहद करीबी माना जाता है। जबकि मनु शर्मा का असली नाम सिद्धार्थ वशिष्ठ है. यही नहीं, राजनीतिक रसूख की वजह से मनु शर्मा जेसिका लाल हत्याकांड में समय-समय पर जेल से बाहर आता रहा। इसकी दौरान उसने मुंबई की एक लड़की से शादी भी कर ली।वह ‘फरलो’ पर दो हफ्ते के लिए जेल से बाहर आया चंडीगढ़ में शादी रचा ली. मनु और उस लड़की के बीच 10 साल पुरानी जान-पहचान बताई गई। हालांकि सजा की वजह से पहले उसकी शादी टल गई थी।

2011 में जेसिका लाल मर्डर केस से प्रभावित होकर फिल्म ‘नो वन किल्ड जेसिका’ बनाई गई. इसमें फिल्म अभिनेत्री रानी मुखर्जी और विद्या बालान प्रमुख भूमिका थे. सच्ची घटना पर आधारित फिल्म नो वन किल्ड जेसिका ने बॉक्स ऑफिस पर भी खूब धमाल मचाया था. इसके अलावा फिल्म हल्ला बोल की कहानी भी जेसिका मर्डर केस से प्रभावित थी. दोनों फिल्मों में आम आदमी और मीडिया की ताकत को दर्शाया गया था.